

रिपोर्टर राजकुमार हमीरपुर अखंड भारत
मौदहा हमीरपुर। मनुष्यों से होने वाली गलतियों का उन्हें प्राश्यचित कर लेना चाहिए अन्यथा छोटी गलतियां भी पाप की श्रेणी में आ जाती हैं।कस्बे के बड़ी देवी मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास नारायणानंद ने भक्तो को भागवत कथा का रसपान कराते हुए बताया कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं। लेकिन ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है।जैसा कि सम्पूर्णा नंद जी ने भी कहा था कि भूल करना बुरा नहीं है लेकिन भूल को भूल न समझना बडा दुर्भाग्य है।
साथ ही पाण्डवों के लिए भगवान श्रीकृष्ण की कृपा का भी कथा व्यास ने अत्यंत सुंदर और मनोहर वर्णन किया।और बताया कि,परीक्षित कलयुग के कारण ऋषि से श्राप पाए थे। जिसके बाद वह स्वयं शुकदेव के निकट पहुंचे।
इस दौरान ज्योत्सना सिंह,धनन्जय सिंह, शिवकुमार पाण्डेय, राकेश पालीवाल, रामदेव सिंह, आनन्द द्विवेदी, विनय तिवारी सहित हजारों भक्तो ने श्रीमद भागवत कथा पुराण का रसपान किया।